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प्लास्टिक का जिम्मेदार उपयोग ही पर्यावरण संरक्षण का वास्तविक समाधान : सुशील अग्रवाल

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सुनील मिश्रा नई दिल्ली। AVRO रिसाइकिलिंग लिमिटेड के चेयरमैन सुशील कुमार ने प्लास्टिक उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के विषय में पत्रकारों को अपना महत्वपूर्ण वक्तव्य देते हुए कहा कि प्लास्टिक निश्चित रूप से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन वर्तमान समय में इसका पूर्ण वैकल्पिक समाधान उपलब्ध नहीं है। इसलिए आवश्यकता इसके बहिष्कार की नहीं, बल्कि जिम्मेदार और वैज्ञानिक प्रबंधन की है। श्री अग्रवाल ने कहा कि प्लास्टिक आज स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, परिवहन, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और दैनिक जीवन के अनेक क्षेत्रों में अनिवार्य भूमिका निभा रहा है। यदि इसे पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाए, तो कई आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाना ही समय की मांग है। इसके लिए गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है जैसे सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का न्यूनतम उपयोग, प्लास्टिक कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, 100% संग्रह और वैज्ञानिक रीसाइक्लिंग पुनः उपयोग और परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा, उत्पादक कंपनियों द्वारा Extended Producer Responsibility (EPR) का ...

आईआईसीटी की संरचना,और ऑरेंज इकोनॉमी की अनंत संभावनाएँ

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विनोद कुमार सिंह,स्वतंत्र पत्रकार व स्तम्भकार                            भारत आज उस ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है,जहाँ वह नित्य नवीन विकास की परिभाषा बदल रही है। इसी क्रम में औद्योगिक उत्पादन और सेवा क्षेत्र की परंपरागत सीमाओं से बाहर निकलकर अब राष्ट्र की शक्ति का निर्धारण उसकी रचनात्मक क्षमता,डिजिटल दक्षता और नवाचार से हो रहा है।इसी परिवर्तनकारी परिदृश्य में आई आई सी टी का उदय केवल एक शैक्षणिक संस्थान की स्थापना नहीं, बल्कि सामाजिक पुनर्रचना की एक दुरगामी दृष्टि का परिचायक है। एनीमेशन,विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग,कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत को वैश्विक अग्रणी बनाने की यह पहल अपने भीतर सामाजिक न्याय,अवसरों के लोकतंत्रीकरण और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का अनंत संदेश समेटे हुए है।हमारी रचनात्मक अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें प्रतिभा और कल्पनाशीलता ही वास्तविक पूँजी होती है।भौगोलिक सीमाएँ,पारंपरिक संसाधन या भारी अवसंरचना इसकी अनिवार्यता नहीं हैं।एक छोटे शहर या ग्रामीण पृष्ठभ...

अदिति महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन वक्ताओं ने रखे गहरे विचार

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सुनील मिश्रा नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत अदिति महाविद्यालय एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी "भारत विभाजन की साहित्यिक अभिव्यक्ति" के दूसरे दिन आज विचारों का सरगम का शमा बांधा गया।आईसीएसएसआर द्वारा प्रायोजित इस संगोष्ठी में देश के जाने-माने विद्वानों ने देश के विभाजन पर अपने विचार रखे।महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. नीलम राठी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कल के कार्यक्रम की झलकियाँ साझा कीं  मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद प्रो. सोमा बंद्योपाध्याय कुलपति, बाबासाहेब आंबेडकर एजुकेशन यूनिवर्सिटी, कलकत्ता विश्वविद्यालय ने कहा, "जिस देश के आकाश में शांति के बादलों का मेला बजता था, वहीं आज भी विभाजन की त्रासदी हमें सोचने पर मजबूर करती है। वहीं प्रो. मज़हर आसिफ़ कुलपति, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने अपने उद्बोधन में भाषा, बोली और संस्कृति के अंतर को समझाते हुए कहा कि इक़बाल की शायरी बंटवारे के पहले और बाद में कैसे बदल गई, यह अपने आप में एक शोध है। प्रो. महेशचंद शर्मा अध्यक्ष, एकात्म मा...

युवा खेल चैंपियंस ने ज़िम्बाब्वे-वेस्ट इंडीज़ टी20 विश्व कप में ट्रॉफी वॉक के लिए दिया यूनिसेफ इंडिया का साथ

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सुनील मिश्रा: मुंबई, 23 फरवरी 2026 – यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्री ने दो युवा खेल चैंपियंस – 13 वर्षीय आयुष नरसिंहलाल राम और 12 वर्षीय रिया देव नारायण त्रिपाठी (मुंबई) – के साथ आज वानखेड़े स्टेडियम में ज़िम्बाब्वे-वेस्ट इंडीज़ आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप मैच की शुरुआत में औपचारिक ट्रॉफी वॉक में भाग लिया। इस वॉक ने खेल की शक्ति को बच्चों को प्रेरित करने और उनकी आवाज़ को वैश्विक मंच पर बुलंद करने पर प्रकाश डाला।  यूनिसेफ और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) 2015 से "क्रिकेट फॉर गुड" पहल के तहत मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि क्रिकेट की पहुँच का उपयोग बच्चों के अधिकारों और कल्याण को समर्थन देने में किया जा सके।  मैककैफ्री ने कहा, “यूनिसेफ और आईसीसी ‘क्रिकेट फॉर गुड’ साझेदारी के तहत पिछले एक दशक में हमारी साझेदारी ने लाखों लोगों तक पहुँच बनाई है। इस वर्ष हम एक सशक्त संदेश ‘चीयर फॉर चिल्ड्रन’ पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं  ताकि हर बच्चे के खेलने के अधिकार को बढ़ावा दिया जा सके। ट्रॉफी वॉक में शामिल होकर समावेशन, समानता, आशा और समर्थन का प्रदर्शन करते ह...

दिल्ली के त्रिवेणी कला सभागार में 62 वें महाशिवरात्रि संगीत सम्मेलन

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सुनील मिश्रा नई दिल्ली:  दिल्ली के त्रिवेणी कला सभागार में दिनांक 14 फरवरी को 62 वें महाशिवरात्रि संगीत सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें पं मोर मुकुट केडिया और मनोज केडिया जी ने राग देस में सितार सरोद की जुगलबंदी से ऐसा जादू बिखेरा की सभी श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। इनके साथ तबले पर संगति पं. प्रभाकर पांडेय ने कुशलतापूर्वक की। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान् के सामने दीप प्रज्वालित और फूल अर्पित कर के की गयी। वेदांश मोहन और शुभम सरकार ने गायन में राग जोग और स्वर सागर की जुगलबंदी  प्रस्तुत की। इस जुगलबंदी में पंडित देवेंद्र वर्मा जी ने हारमोनियम पर और  प्रणय रंजन ने तबले पर मनमोहक संगत की  पंडित देवेंद्र वर्मा जी को स्वर्गीय पंडित जगदीश मोहन सम्मान से एवं बाकि सभी कलाकारों को स्वरश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में और भी कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छन्दा सहजवानी और संदीप सहजवानी विशिष्ट अतिथि ध्रुव टुटेजा एवं  पंडित विजयशंकर मिश्रा ने अपनी उपस्तिथि से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई इनके अलावा कार्यक्र...

वंशिका जैन के "री:फ़्रेम एट कलमकार गैलरी" फोटोग्राफी शो को मिला दर्शकों का सीसीसी उत्साही प्रतिसाद

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सुनील मिश्रा नई दिल्ली, : नई दिल्ली के बीकानेर हाउस, में 14–15 फरवरी 2026 को कलमकार गैलरी, में आयोजित दो-दिवसीय प्रदर्शनी री:फ़्रेम उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया के साथ सम्पन्न हुई। इस प्रदर्शनी ने कला समुदाय, विद्यार्थियों, क्यूरेटरों और फोटोग्राफी अभ्यासियों के बीच समकालीन फोटोग्राफी के भविष्य को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया। समकालीन फोटोग्राफर और अंतर्विषयक कलाकार वंशिका जैन द्वारा अवधारित, क्यूरेटlऔर प्रस्तुत इस प्रदर्शनी ने पारंपरिक दीवार-आधारित प्रदर्शन को बदलते हुए फोटोग्राफी को भौतिक, शारीरिक और पर्यावरणीय आयामों तक विस्तारित किया। प्रदर्शनी ने दर्शकों को स्थिर दृश्य अभिलेखों के बजाय छवियों को एक जीवंत समय और संदर्भ के साथ बदलती और संवाद को अनुभव करने का आमंत्रण दिया प्रदर्शनी में पौधों-आधारित फोटोग्राफिक प्रक्रियाओं, पहनने योग्य फोटोग्राफिक परिधानों, इमर्सिव टेक्सटाइल इंस्टॉलेशनों और प्रैक्टिस-आधारित दृश्य दस्तावेज़ीकरण का विशिष्ट संग्रह प्रस्तुत किया गया। दर्शकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण वह श्रृंखला थी, जिसमें पौध-उपचारित, प्रकाश-संवेदनशील वॉटरकलर पेपर पर छवियाँ निर्मित ...

हिंदू श्री फाउंडेशन ने 2026–27 की कार्यकारिणी घोषित की, मंदिरों की स्वतंत्रता और सनातन कल्याण पर होगा जोर

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सुनील मिश्रा नई दिल्ली, 15 फरवरी: हिंदू श्री फाउंडेशन ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित बैठक के दौरान वर्ष 2026–27 के लिए अपनी नई कार्यकारिणी की घोषणा की। इस अवसर पर फाउंडेशन ने मंदिरों की स्वतंत्रता, प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार तथा हिंदू समाज के समग्र कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक का औपचारिक उद्घाटन संस्थापक–संयोजक डॉ. कौशल कांत मिश्रा ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि फाउंडेशन का मूल उद्देश्य सनातन विरासत की रक्षा, प्राचीन मंदिरों का संरक्षण तथा सामुदायिक संस्थाओं को सशक्त बनाना है। इस घोषित कार्यकारिणी में संरक्षक के रूप में श्री लक्ष्मी गोयल, डॉ. भूरेलाल और जस्टिस शिव कीर्ति सिंह शामिल हैं। वहीं मार्गदर्शक मंडल में श्री रामभद्राचार्य, कोच्चि के पूज्यनीय शंकराचार्य श्री विजेंद्र सरस्वती जी, श्री सुभाष कश्यप, श्री माखनलाल जी, श्री आमोद कंठ और श्री टी.आर. रमेश को स्थान दिया गया है। देश के जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शिव चौधरी को अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार श्री मनोज गिरोला और वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विनय गोयल को महासचिव तथा डॉ. चितरंजन खेता...