राज्यपाल और राष्ट्रपति से 22 साल से उड़ीसा की जेल मे बन्द धर्म रक्षक दारा सिंह और महेन्द्र हैम्ब्रम को रिहा करने की माँग



सुनील मिश्रा नई दिल्ली : 
22 साल से उड़ीसा के क्योन्झर और आनन्दपुर मे 22 साल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे उड़ीसा के वीर सपूत धर्मरक्षक दारा सिंह और महेन्द्र हैम्ब्रेम को हिन्दू संगठनों ने आज
दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करके गांधी जयन्ती पर रिहा करने की माँग की और संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत अनुरोध किया. 
ग्राह्म स्टेम्स आस्ट्रेलियाई व्यक्ति उड़ीसा के धर्म स्वतन्त्र विधेयक के विरूद्ध उड़ीसा मे हिन्दुओ को इसाई बनाने और गैरकानूनी कार्य मे लिप्त था जिसे उड़ीसा के धर्म रक्षक दारा सिंह के नेतृत्व मे ग्राह्म स्टेम्स को मार कर इसके अभियान को असफ़ल कर दिया गया इस मामले मे धर्म रक्षक दारा सिंह और महेन्द्र हैम्ब्रेम उड़ीसा की जेल मे बन्द हैं और उड़ीसा सरकार के सजा माफ़ी बोर्ड बच्चों को मारने की दलीले देकर उन्हे सजा से मुक्त नही कर रही है जबकि संविधान मे भारतीय दंड विधान की धारा 55 और 57 और  दंड प्रक्रिया संहिता के धारा 31क , 432 और 433 के अनुसार किसी को भी 14 साल से अधिक जेल मे नही रखा जा सकता. 
हाल ही के 3अगस्त 2021 को सर्वोच्च न्यायालय ने क्रिमिनल अपील न. 721/2021 मे संविधान के अनुच्छेद 72 और 161 के तहत राष्ट्रपति और राज्यपाल को मिली शक्तियों के उल्लेख मे इन्हे किसी भी कैदी को समय से पूर्व छोडने का पूर्ण अधिकार है.

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