वंशिका जैन के "री:फ़्रेम एट कलमकार गैलरी" फोटोग्राफी शो को मिला दर्शकों का सीसीसी उत्साही प्रतिसाद
सुनील मिश्रा नई दिल्ली, : नई दिल्ली के बीकानेर हाउस, में
14–15 फरवरी 2026 को कलमकार गैलरी, में आयोजित दो-दिवसीय प्रदर्शनी री:फ़्रेम उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया के साथ सम्पन्न हुई। इस प्रदर्शनी ने कला समुदाय, विद्यार्थियों, क्यूरेटरों और फोटोग्राफी अभ्यासियों के बीच समकालीन फोटोग्राफी के भविष्य को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया। समकालीन फोटोग्राफर और अंतर्विषयक कलाकार वंशिका जैन द्वारा अवधारित, क्यूरेटlऔर प्रस्तुत इस प्रदर्शनी ने पारंपरिक दीवार-आधारित प्रदर्शन को बदलते हुए फोटोग्राफी को भौतिक, शारीरिक और पर्यावरणीय आयामों तक विस्तारित किया। प्रदर्शनी ने दर्शकों को स्थिर दृश्य अभिलेखों के बजाय छवियों को एक जीवंत समय और संदर्भ के साथ बदलती और
संवाद को अनुभव करने का आमंत्रण दिया प्रदर्शनी में पौधों-आधारित फोटोग्राफिक प्रक्रियाओं, पहनने योग्य फोटोग्राफिक परिधानों, इमर्सिव टेक्सटाइल
इंस्टॉलेशनों और प्रैक्टिस-आधारित दृश्य दस्तावेज़ीकरण का विशिष्ट संग्रह प्रस्तुत किया गया। दर्शकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण वह श्रृंखला थी, जिसमें पौध-उपचारित, प्रकाश-संवेदनशील वॉटरकलर पेपर पर छवियाँ निर्मित
की गई थीं। यहाँ पत्ते को प्रत्यक्ष सामग्री के रूप में नहीं, बल्कि एक वैचारिक रूपक के रूप में इस्तेमाल किया गया। कलाकार ने ये रेखांकित करते हुए कि फोटोग्राफी केवल देखने का माध्यम नहीं, बल्कि उपस्थिति और भागीदारी का अनुभव भी हो
सकती है। समापन में स्थापित दर्पण इंस्टॉलेशन एक प्रभावशाली इंटरैक्टिव केंद्र के रूप में उभरा, जिसने दर्शकों को छवि-निर्माण और कलात्मक आदान-प्रदान की प्रक्रिया में स्वयं को देखने के लिए प्रेरित किया। यह प्रदर्शनी वंशिका जैन के उस अंतर्विषयक अभ्यास का विस्तार है, जिसे उन्होंने Savannah College of Art
and Design (SCAD), अमेरिका से बी.एफ.ए. (फोटोग्राफी) के दौरान विकसित किया, जहाँ उनका ध्यान वैकल्पिक प्रक्रियाओं, इंस्टॉलेशन प्रारूपों और विस्तारित इमेज-मेकिंग पर केंद्रित रहा। उनकी पूर्व प्रदर्शनों में
Metamorphosis (Wonderland Photography Studio), Mélange (ArtStryngs Gallery), SCAD का Senior Showcase (Graham Scott Gallery) और सवाना में उनकी स्व-क्यूरेटेड प्रदर्शनी Evocation शामिल
हैं। उन्हें Art Collide की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी Aesthetic Anomalies में फाइनलिस्ट के रूप में भी मान्यता मिली है वंशिका जैन ने कहा,“re:frame एक प्रश्न से शुरू हुआ — क्या होगा जब फोटोग्राफी को साँस लेने, उम्र बढ़ने, यात्रा करने और पहने
जाने की अनुमति दी जाए? मेरा उद्देश्य ऐसी छवियाँ बनाना था जिनके साथ लोग चल सकें और जिनके भीतर
प्रवेश कर सकें, न कि केवल उनके सामने खड़े रहें। ये कृतियाँ समय और परिवेश के साथ विकसित होती हैं, और
वही विकसित होता संबंध इस प्रदर्शनी का केंद्रीय विचार है।”
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