प्लास्टिक का जिम्मेदार उपयोग ही पर्यावरण संरक्षण का वास्तविक समाधान : सुशील अग्रवाल

सुनील मिश्रा नई दिल्ली। AVRO रिसाइकिलिंग लिमिटेड के चेयरमैन सुशील कुमार ने प्लास्टिक उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के विषय में पत्रकारों को अपना महत्वपूर्ण वक्तव्य देते हुए कहा कि प्लास्टिक निश्चित रूप से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन वर्तमान समय में इसका पूर्ण वैकल्पिक समाधान उपलब्ध नहीं है। इसलिए आवश्यकता इसके बहिष्कार की नहीं, बल्कि जिम्मेदार और वैज्ञानिक प्रबंधन की है। श्री अग्रवाल ने कहा कि प्लास्टिक आज स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, परिवहन, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और दैनिक जीवन के अनेक क्षेत्रों में अनिवार्य भूमिका निभा रहा है। यदि इसे पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाए, तो कई आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाना ही समय की मांग है। इसके लिए गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है जैसे सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का न्यूनतम उपयोग, प्लास्टिक कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, 100% संग्रह और वैज्ञानिक रीसाइक्लिंग पुनः उपयोग और परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा, उत्पादक कंपनियों द्वारा Extended Producer Responsibility (EPR) का सख्ती से पालन श्री अग्रवाल ने कहा प्लास्टिक स्वयं समस्या नहीं है, बल्कि उसका गलत प्रबंधन समस्या है। यदि प्लास्टिक को कचरा नहीं बल्कि संसाधन माना जाए और व्यवस्थित रूप से पुनर्चक्रित किया जाए तो यह पर्यावरण के लिए कम हानिकारक साबित हो सकता है। उन्होंने सरकार, उद्योग जगत और आम नागरिकों से अपील की कि वे प्लास्टिक के उपयोग में जिम्मेदारी निभाएं और स्वच्छ एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण में सहयोग दें।

Comments

Popular posts from this blog

3,000 करोड़ के राष्ट्रव्यापी फ्रेंचाइज़ी घोटाले का खुलासा:

दिल्ली की मुख्यमंत्री ने "विकास भी, विरासत भी" थीम पर एनडीएमसी की शैक्षिक पहल का शुभारंभ किया ,

धार्मिक नगरी मथुरा में 'सनी लियोनी' के अशोभनीय कार्यक्रम पर रोक लगाने हेतु मांग