दिल्ली सरकार घोषणाओं का पुलिंदा, प्रशासन में कर्मचारी नदारद मुख्यमंत्री फेल
सुनील मिश्रा नई दिल्ली: दिल्ली में मुख्यमंत्री प्रशासन में बढ़ती भारी भ्रष्टाचारी, घूसखोरी, लापरवाही से सिस्टम खत्म हो चुका है जब से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नियुक्त हुई हैं तब से दिल्ली के काम काज ठप्प पड़े है लोगों की योजनाओं की घोषणाएं की जा रही हैं पैसों की भरमार मार्केटिंग की जा रही है लेकिन जनता तक कुछ नहीं पहुंच रहा है और योजनाएं घोषणाओं के अलावा लागू कुछ नहीं हो रहा है सारी सरकार के कर्मचारी बिल्कुल काम नहीं कर रहे हैं लोगों में जबरदस्त रोष है कि न बुजुर्गों की पेंशन 6-6 तक लागू की जा रहीं हैं न दफ्तरों में पूरे कर्मचारी हैं 2 दिन का काम एक महीने में होता है या पेंडिंग पड़ा रहता है जनता परेशान होती रहती है कोई सरकार में सुनवाई नहीं होती सरकार केवल घोषणाएं कर रही है आखिर पेंडिंग पड़े काम से जनता परेशान है कभी मुख्यमंत्री पेंडिंग मामलों को देखने किसी ऑफिस में नहीं जाती न लापरवाही करने वाले लोगों पर कोई चुस्ती दिखाती और न ही कोई कार्यवाही होती है जनता वोट दे और विश्वास किस पर करे जिम्मेदार IAS अधिकारी भी अपने मातहत अधिकारियों और कर्मचारियों से डेली पेंडिंग मामलों की फाइलों को नहीं देखता न कार्यवाई करता है ऐसे में जिम्मेदार मुख्यमंत्री ही है जो इनके ऑफिस में कभी दबिश नहीं देती।
मुख्यमंत्री को गाड़ियों से घूमना, फीता काटना, छोटे छोटे कार्यक्रमों में शक्ल चमकाना छोड़ना पड़ेगा।
दिल्ली के कई हादसों से दिल्ली के प्रशासन पर बहुत निराशाजनक परिस्थिति बन चुकी है जो जनता को जान देकर चुकानी पड़ रही है।
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